नगर निगम का 'भ्रष्टाचार का पिटारा' अब हाईकोर्ट में खुलेगा!

अयोध्या। नगर निगम पर RTI (सूचना का अधिकार) के तहत विकास कार्यों जैसे सड़क, नाली, सुलभ शौचालय, ठेकेदार भुगतान और स्वच्छता अभियान ऐसे ही कई अन्य विकास कार्यों  से संबंधित जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि निगम ने वार्ड के विकास कार्य का ब्यौरा, ठेकेदारों के नाम, भुगतान की राशि और 'माप पुस्तिका' जैसी अहम जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
इस पारदर्शिता की कमी और जनता के पैसों के कथित दुरुपयोग से नाराज़ शिकायतकर्ता अब इस मामले को सबसे पहले लोकायुक्त के पास ले जाएंगे। 
यदि वहाँ से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो पीड़ित ने बताया है कि उन्होंने पुख्ता सबूतों के साथ हाईकोर्ट जाने की पूरी तैयारी कर ली है।
जनता को उम्मीद है कि न्यायपालिका के हस्तक्षेप से नगर निगम में फैले कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा और जनता के टैक्स के पैसों का सही हिसाब मिल पाएगा।

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